संस्कृत
... जो आया वह बोला, जो आया वह किया-हम तो मौज में रहते हैं। अल्पकाल के मनमौजी नहीं बनो। सदाकाल की रूहानी मौज में रहो ... (अव्यक्त मुरली - 21 November 1992)
अपने इच्छानुसार काम करने वाला
Self willed
యథేచ్ఛగా వ్యవహరించువాడు