संस्कृत
... यह विशेष मणियाँ सदा साकार रूप में मस्तक बीच चमकती हुई मणि अर्थात् आत्मा स्वरूप में सदा स्थित रहती हैं। ... (अव्यक्त मुरली - 8 October 1975)
माथा; ललाट
Forehead
మస్తకము; నుదురు; లలాటము