अरबी
... क्या करें, कैसे होगा, कब होगा? यह सभी है कंगालपन, मोहताजपन की निशानी। कहां न कहां कोई कर्मेन्द्रियों के वश हो अपनी शक्तियों को खो लेते हैं। ... (अव्यक्त मुरली - 31 May 1972)
पराश्रितता
Dependency
పరాధీనత