संस्कृत
... तुम्हीं से बैठूँ, तुम्हीं से खाऊं और तुम्हीं से श्वाँसोंश्वाँस साथ रहूँ। यह है साजन के रूप का सलोगन। ... (अव्यक्त मुरली - 21 July 1973)
प्रेमी
Lover
ప్రేమికుడు