संस्कृत
... स्नेह है तो रमणीक ब्राह्मण जीवन है। स्नेह नहीं तो ब्राह्मण जीवन सूखी (नीरस) है, मेहनत वाली है। परमात्म – स्नेह दिल का स्नेह है ... (अव्यक्त मुरली - 6 January 1988)
नीरस; खुश्क
Weak; With no strength; Dry
నీరసంగా; ఎండినట్లుగా