संस्कृत
... तुम्हें ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है, इसलिए तुम हो त्रिनेत्री, त्रिकालदर्शी और त्रिलोकीनाथ ... (साकार मुरली - 10 March 2016)
जिनको ज्ञान का तीसरा नेत्र हो
The one having the eye (third) of knowledge
జ్ఞానమనే మూడవ నేత్రము కలిగినవాడు