आज चेतना के पट खोलो
आज चेतना के पट खोलो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
दो पल ध्यान धरो शिव का
दो पल ध्यान धरो शिव का
जीवन बगिया मुसकाने दो
जीवन बगिया मुसकाने दो
आज चेतना के पट खोलो
खुद में जो उलझा रह जाए
काम किसिके ना आये
काम किसिके ना आये
वह जीना भी क्या जीना है
जो खुद में जीए और मर जाए।
जो खुद में जीए और मर जाए।
रहे द्वार दया का सदा ही खुला
रहे द्वार दया का सदा ही खुला
औरोका भला हो जाने दो
औरोका भला हो जाने दो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
आज चेतना के पट खोलो
शिव की यादे है सुखदाई
मन का ये मेल मिटाती है
मन का ये मेल मिटाती है
इसमें जन्नत की खुशियां है
युग युग की प्यास बुझाती है
युग युग की प्यास बुझाती है
यह राजयोग अमृत घोलो
यह राजयोग अमृत घोलो
सुखसागर को लहराने दो
सुखसागर को लहराने दो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
आज चेतना के पट खोलो
आज चेतना के पट खोलो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
प्रभु प्रेम किरण को आने दो
दो पल ध्यान धरो शिव का
दो पल ध्यान धरो शिव का
जीवन बगिया मुसकाने दो
जीवन बगिया मुसकाने दो
आज चेतना के पट खोलो
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