आज तुझे कुछ देने के लिए
बढ़े है परमपिता के हाथ
भर ले झोली तु रत्नों से
भर ले झोली तु रत्नों से
सदा रहे ये तेरे साथ
आज तुझे कुछ देने के लिए
बढ़े है परमपिता के हाथ
ओ मानव दुनियां में
सदा कुछ कहलाए
बिन सोचे भगवान
जिस पर अपना सब लुटाएं
लेता चल लुटाता चल
लेता चल लुटाता चल
बढ़े खजाना दिन और रात
आज तुझे कुछ देने के लिए
बढ़े है परमपिता के हाथ
सेवा करके जिसने अपना
सब कुछ सफल बनाया
उससे ज्यादा और किसीने
ईश्वर से ना पाया
देते समय दाता न पूछे
देते समय दाता न पूछे
कभी किसिकी जात और पात
आज तुझे कुछ देने के लिए
बढ़े है परमपिता के हाथ
भर ले झोली तु रत्नों से
भर ले झोली तु रत्नों से
सदा रहे ये तेरे साथ
आज तुझे कुछ देने के लिए
बढ़े है परमपिता के हाथ
