हो हो हो
आहा आहा
आओ करे पौधा रोपण
आओ करे पौधा रोपण
हो हो
आओ करे पौधा रोपण
बंद करे धरती का शोषण
वृक्ष हमारे जीवन है
यही जगत के आभूषण
यही जगत के आभूषण
पूर्ण मनोरथ करने वाले परंपरा हम करे शुरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
जैसे जीने के लिए सांसों का साथ जरूरी है
पेड़ो के बिन जीवन यात्रा हो सकती न पूरी है
एक एक हम वृक्ष लगाए लाख वृक्ष लग जाएंगे
हरि भरी होगी धरती स्वर्गिक सुख सब पाएंगे
आरजू है मां धरती की इसमें सबकी है आबरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
एक ओर हम वृक्ष लगाए दूजे ये संकल्प करे
राजयोग और दिव्य गुणों से जग का काया कल्प करे
शुद्ध आहार बिहार से वसुंधरा मुस्कायेगी
प्रकृति शुद्ध बनेगी स्वर्ग धरा बन जाएगी
यही है सच्ची खुदाई खिदमद ख्वाब आयेंगे रूबरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
आओ करे पौधा रोपण
बंद हो धरती का शोषण
यही जगत के आभूषण
आओ करे पौधा रोपण
