हम सब यज्ञ वत्सो की आप अलौकिक मां हो
हम सब यज्ञ वत्सो की आप अलौकिक मां हो
गुप्त रूप में आज भी आप दिखलाती हमें राह हो
हम सब यज्ञ वत्सो की आप अलौकिक मां हो
आप हमारी मम्मा हो सबसे प्यारी मां हो
वक्त की कदर सिखा दी खुद तैयार रहती थी
हर घड़ी को अंतिम समझो हर बार ये कहती थी
हम ब्राह्मण वत्सो की आप तो सच में जान हो
हम सब यज्ञ वत्सो की आप अलौकिक मां हो
आप हमारी मम्मा हो सबसे प्यारी मां हो
आप थी राधा जीवन साधा
आप थी राधा जीवन साधा हर मुंह से सिखलाती थी
कहती थी वो करती थी खुद बनकर के दिखलाती थी
संगमयुग में संगमयुग में आप मम्मा दूर हमसें ना हो
हम सब यज्ञ वत्सो की आप अलौकिक मां हो
गुप्त रूप में आज भी आप दिखलाती हमें राह हो
आप हमारी मम्मा हो सबसे प्यारी मां हो
आप हमारी मम्मा हो सबसे प्यारी मां हो
हम सबकी जान हो सबसे मीठी मां हो
