आबू पर्वत पर आओ मेरे प्यारे मुरलीधर की नगरिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
शिवबाबा प्यारा सबका सहारा
नवयुग का निर्माता है बाबा
नवयुग का निर्माता है बाबा
नवयुग का निर्माता है
जो भी एक बार यहां पे आ जाते है
बाबा जो भी एक बार यहां पे आ जाते है
भय चिंता से मुक्त हो जाते है
प्यारे बाबा को जो दिल में समाते है
स्वर्णिम दुनियां की वर्षा वो पाते है
दुख हर्ता हो सुख करता जो
दुख हर्ता हो सुख करता जो
भक्त गाते पीते उमरिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
ज्ञान का प्रकाश यहां बाबा का प्यार है
ज्ञान का प्रकाश यहां बाबा का प्यार है
ब्रह्मा तन में शिव लेते अवतार है
इस परिवर्तन का जहां से आबाद है
ओम शांति का गूंजे शंखनाद है
सत चित आनंद शिवोहम शिवोहम
सत चित आनंद शिवोहम शिवोहम
खुद देते है खुश खबरिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
आबू पर्वत पर आओ मेरे प्यारे मुरलीधर की नगरिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
मनभावन है मधुबन की गलिया रे
