हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
सूखे है सब मन सुमन सदभावना से सिंचिए
सूखे है सब मन सुमन सदभावना से सिंचिए
सदभावना से सिंचिए
हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
हे आत्मन सबके लिए
हम सभी के सब हमारे किसको समझे गैर है
जगत ये परिवार अपना रखना फिर क्यू वैर है इस ज्ञानके उजियार में दीवार न आने दीजिए
इस ज्ञानके उजियार में दीवार न आने दीजिए
दीवार न आने दीजिए
हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
हे आत्मन सबके लिए
भला हो सभिका सब सुखी हो काटे न वो पाके ले
कुछ ले न कोमल भावनाए जग चमन फूले फले
प्रभु प्रेम परमानंद का पीयूष प्रतिपल पीजिए
प्रभु प्रेम परमानंद का पीयूष प्रतिपल पीजिए
पीयूष प्रतिपल पीजिए
हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
हे आत्मन सबके लिए शुभकामनाही किजिए
सूखे है सब मन सुमन सदभावना से सिंचिए
सूखे है सब मन सुमन सदभावना से सिंचिए
सदभावना से सिंचिए
हे आत्मन सब के लिए शुभकामनाही किजिए
हे आत्मन सबके लिए
हे आत्मन सबके लिए
हे आत्मन सबके लिए
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