"अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार से एक मीठी आवाज आती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाती है
अंबर के उस पार से एक मीठी आवाज आती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाति है
अंबर के उस पार से
मीठे बच्चे प्यारे बच्चे शब्द मधुर जब सुनता हु
सजल नयन होते मेरे स्नेह में स्तब्ध हो जाता हु
रोम रोम से हर उठता
रोम रोम से हर उठता जब याद तेरी अति है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाति है
अंबर के उस पार से एक मीठी आवाज आती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाति है
अंबर के उस पार से
वाणी तेरी बरसे जब प्यासे मेरे आंगनमें
मन मयूर तब नाच उठा हिलोर करता उपवन में
वाणी तेरी बरसे जब प्यासे मेरे आंगनमें
मन मयूर तब नाच उठा हिलोर करता उपवन में
तू मेरा और मैं तेरा
तू मेरा और मैं तेरा भावना मेरे गाती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाती है
अंबर के उस पार से एक मीठी आवाज आती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाति है
अंबर के उस पार से
बाबा बाबा नाद अनहद सासो में है बजता
मिलन का अदभुद नजारा अंतर्मन में है सजता
बाबा बाबा नाद अनहद सासो में है बजता
मिलन का अदभुद नजारा अंतर्मन में है सजता
सुर से सूरताल मिला
सुर से सूरताल मिला सासो की सरगम गाती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाती है
अंबर के उस पार से एक मीठी आवाज आती है
छूकर मेरे दिल को कानो में गूंजती जाती है
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार
अंबर के उस पार"
