"अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
ओम शांति ओम शांति
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
करते वहा निवास दोनो शिव और सालिग्राम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
ओम शांति ओम शांति
ओम शांति ओम शांति
शांतिधाम परमधाम सचखंड उसे कहते
पावनता के सागर ज्ञानेश्वर वहा रहते
शांतिधाम परमधाम सचखंड उसे कहते
पावनता के सागर ज्ञानेश्वर वहा रहते
निराकार रूहों का यही है हो
निराकार रूहों का यही है प्यारा तीरथ स्थान
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
ये धरती आकाश सितारें वहा नही होते
चैतन्य ज्योतियां रूहे सदा झिलमिल वहा करते
ये धरती आकाश सितारें वहा नही होते
चैतन्य ज्योतियां रूहे सदा झिलमिल वहा करते
छटा निराली बिखेरते हो
छटा निराली बिखेरते महा ज्योती भगवान
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
कर्म और संकल्प दोनो जहां हो जाते मौन
मुक्ति अनंत शांति का स्वीट साइलेंस होम
कर्म और संकल्प दोनो जहां हो जाते मौन
मुक्ति अनंत शांति का स्वीट साइलेंस होम
विदेही आत्माएं सदा हो
विदेही आत्माएं सदा करती वहा विश्राम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
अंबर के उस पार है एक लाल सुनहरा धाम
ओम शांति ओम शांति
ओम शांति ओम शांति
ओम शांति ओम शांति
ओम शांति ओम शांति"
