अति पावन मन भावन स्वर्ग सदन की शोभा अपरम्पार
यहा रहे देवीया देवगण सदा करे आनंद विहार
भव्य दिव्य लक्ष्मी नारायणका अनुपम पवित्र आगार
प्रेम शांति सुख अमृत बरसे छाई रहती सदा बहार
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
फल फूल विनम्र प्रणाम करे
फल फूल विनम्र प्रणाम करे
अभिवादन करता दिग दिगंत
अभिवादन करता दिग दिगंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
सा सा ध ध प प ग ग
झूमे मधुबन का चीर वसंत
त प ध सा सा सा रे र सा सा ग ग रे र सा
ग प द सा सा सा ग प द सा सा सा
ग प द सा सा सा नी ध प ग रे सा
झूमे मधुबन का चीर वसंत
कली कली करती है नर्तन
कली कली करती है नर्तन
बन उपवन करता अभिनन्दन
बन उपवन करता अभिनन्दन
आनंद मगन है पावन कन कन
आनंद मगन है पावन कन कन
हरियाली की सुषमा अनंत
हरियाली की सुषमा अनंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
गूंज गूंज की छ टा निराली
गूंज गूंज की छ टा निराली
डाल डाल भी है मतवाली
डाल डाल भी है मतवाली
कोयल कोके पंचम सुर में
कोयल कोके पंचम सुर में
कलरव का होता न अंत
कलरव का होता न अंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
सा सा ध न पा पा दा दा
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
झूमे मधुबन का चीर वसंत
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