"आ... ओ...
बाबा पूछते बच्चों से
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
खुलेंगे कब तुम्हारे
खुलेंगे कब तुम्हारे
बंद पड़े दिल के द्वार
बाबा पूछते बच्चों से
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
बाबा पूछते बच्चों से
आ...
दुनिया की दुखी आत्माओं की तुम सुनते नहीं पुकार
दुनिया की दुखी आत्माओं की तुम सुनते नहीं पुकार
उनकी चितकारों से मेरा दिल हुआ है तार तार
कब बाटोगे बच्चों तुम
आ..
कब बाटोगे बच्चों तुम
सागर जैसा प्यार
बाबा पूछते बच्चों से
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
बाबा पूछते बच्चों से
आ....
गगन, अगन और पवन ये धरनी पूछ रहे हैं मुझसे
गगन ,अगन और पवन ये धरनी पूछ रहे हैं मुझसे
स्वर्णिम युग की तैयारी में बैठे हैं हम कब से
दिल में दुआएं भर भर कर
दिल में दुआएं भर भर कर
कब लुटाओगे भंडार
बाबा पूछते बच्चों से
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
खुलेंगे कब तुम्हारे
खुलेंगे कब तुम्हारे
बंद पड़े दिल के द्वार
बाबा पूछते बच्चों से
बाबा पूछते बच्चों से
कितना करूंगा इंतजार
बाबा पूछते बच्चों से....."
