"बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
ये दिल ही अनुभव कर सकता
ये दिल ही अनुभव कर सकता
शब्दों में कहा न जाए
बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
जो अंधे को मिली रोशनी, प्यासे को जो पानी
जो अंधे को मिली रोशनी, प्यासे को जो पानी
यह तो गुण है गूंगे का, यह तो गुण है गूंगे का
जो कह ना थके जुबानी, सागर जितना
सागर जितना प्यार तेरा, गागर में कहा समाए
ये दिल ही अनुभव कर सकता
ये दिल ही अनुभव कर सकता
शब्दों में कहा न जाए, बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
वो तेरा प्यार शीतल छाया, जहा धूप का एहसास नहीं
वो तेरा प्यार शीतल छाया, जहा धूप का एहसास नहीं
तप ते उर पर बहता जैसे, तप ते उर पर बहता जैसे
अमृत की बरसात कहीं, ये स्नेह की धारा है जो
ये स्नेह की धारा है जो, जन्मों की प्यास बुझाए
ये दिल ही अनुभव कर सकता
ये दिल ही अनुभव कर सकता
शब्दों में कहा न जाए, बाबा तेरे प्यार का वर्णन किया न जाये
ये प्यार ऐसा मरहम है, रूह को राहत पहुंचाए
ये प्यार ऐसा मरहम है, रूह को राहत पहुंचाए
ये वो संजीवनी है जो, ये वो संजीवनी है जो
मूर्छित को होश में लाए, जिसने भी पाया
जिसने भी पाया प्यार तेरा, वो अमर देव पद पाए"
