"हा आ...
बांधलो प्रभु को....
सांसों की तार में
दिल में बसालो ....
बुला लो साकार में
समाजाए हम रूहानी प्यार में
पधारो पधारो ,पधारो पधारो जी
पधारो पधारो ,पधारो पधारो जी
मेरे शिव साजन गुले गुलजार में
गुले गुलजार में.....
63 जन्मों से प्यासी नजरिया
अब जाके पाया है शिव सांवरिया
63 जन्मों से प्यासी नजरिया
अब जाके पाया है शिव सांवरिया
शिव सांवरिया शिव सांवरिया..
पलके बिछाई है राहों में
ले लो हमें भी अपनी बाहों में
पधारो पधारो ,पधारो पधारो जी ...
मोर शिव साजन गुले गुलजार में
गुले गुलजार में....
तड़पा गई हमें आपकी जुदाई
काशी करवटों में जान भी गवाई
तड़पा गई हमें आपकी जुदाई
काशी करवटों में जान भी गवाई
हो तुम्हें ढूंढते थे काम न था दूजा
फूलों से हमने पत्थरों को पूजा
सोमनाथ मेरे पधारो अमरनाथ मेरे पधारो
सब नाथों के नाथ पधारो जी
गुले गुलजार में
गुले गुलजार में...."
