"देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
आए कहासे हम यहा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
स्वधर्म की जब याद थी आपसमे था प्यार यहां
स्वधर्म की जब याद थी आपसमे था प्यार यहां
भूल गए जब हम खुदको बट गया संसार यहां
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
तन मन था पवित्र तो मायाका था न नामो निशान
तन मन था पवित्र तो मायाका था न नामो निशान
टूटा जब ये कंगन तो आए सभी विकार यहां
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
हम वासी उस धाम के बाबा रहते है जहां
हम वासी उस धाम के बाबा रहते है जहां
आए थे धरती पर हम अब लोट जाना है वहा
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
देह नहीं मैं हु आत्मा ये हमको मालूम हो
ये हमको मालूम हो
ये हमको मालूम हो
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