"दिल में बसा है
दिल में बसा है, मेरा बाबा है
आंखों में बसा है, मेरा बाबा है
लवों पे बसा है, मेरा बाबा है
सांसों में बसा है, मेरा बाबा है
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है
वो मेरा बाबा है ....
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा
वो मेरा बाबा है
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है,वो मेरा बाबा है
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा,वो मेरा बाबा है
आबू पर्वत पर वो आया,
आकर हमको ज्ञान सुनाया
ब्रह्मा तन लेकर वो,
मीठा मधुबन है रचाया
स्वयं का परिचय कराया
आत्मा है हमें यही बताया
ज्ञान योग से हमें संवारा
राजयोगी हमें बनाया
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है,वो मेरा बाबा है
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा, वो मेरा बाबा है...
नाज़ है हमको खुद पे इतना,कैसे कहें हम प्यार है कितना
ना सागर में, ना अम्बर में, अपने ज़िगर में प्यार है जितना
रात दिन है मन का जपना,
दिल की बात उनसे कहना
आंखों में है वो ही सपना,
जान से प्यारा बाबा अपना
बाबा बाबा ...मेरा बाबा ....
मीठा बाबा ... प्यारा बाबा ...
हाथ पकड़ के उनकी चलूं मैं
बात ज़ुबां पे उनकी बोलूं मैं
संग रहूं मैं, संग खेलूं मैं
गोद में उनकी सदा झूलूं मैं
सुध बुध को मैं भूल गया हूं
जबसे पास आ गया हूं
स्वर्ग सैर करने चला हूं
मैं फरिश्ता बन गया हूं
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है, वो मेरा बाबा है
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा, वो मेरा बाबा है
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है, वो मेरा बाबा है
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा, वो मेरा बाबा है
जो सबके दिलों में बसा है, आंखों में बसा है, वो मेरा बाबा है
हर लवों पे बाबा ही बाबा, सांसों में भी बाबा, वो मेरा बाबा है
वो मेरा बाबा है, वो मेरा बाबा है ...
मेरा बाबा मेरा बाबा, मीठा बाबा मीठा बाबा
वो मेरा बाबा है, वो मेरा बाबा है
वो मेरा बाबा है, वो मेरा बाबा है ....."
