एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते हम मन ही मन
एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते हम मन ही मन
एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते हम मन ही मन
एक फरिश्ता………
एक अनोखी चांदनी में वो चमकता चांद सा
चमकते चैतन्य सितारों का वो दिखता बादशाह
वो दिखता बादशाह
सरल सी मुस्कानसे खिलते है लाखो मन सूमन
ये अनोखे है झरोखे देखते है हम मन ही मन
एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते है हम मन ही मन
एक फरिश्ता…..
है सलोना रूप उसका उजली उजली रोशनी
आंखे आके बात करती प्रेम आसुवन से सनी
प्रेम आसुवन से सनी
है बड़ा व्यक्ति अनुपम ये फरिश्तों का मीलन
ये अनोखे है झरोखे देखते है हम मन ही मन
एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते हम मन ही मन
एक फरिश्ता…..
संगामयुगी इस सृष्टि का ये प्रेम पावन पर्व है
सत्य सुंदर सुखद शीतल ये गगन का स्वर्ग है
ये गगन का स्वर्ग है
शक्तियोंसे सज रहे जाने को करता है मन
ये अनोखे है झरोखे देखते है हम मन ही मन
एक फरिश्ता मुस्कुराता है बुलाता निज वतन
ये अनोखे है झरोखे देखते हम मन ही मन
एक फरिश्ता…मुस्कुराता
एक फरिश्ता…मुस्कुराता
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