एक पल थम जा जरा
किस दिशा मैं तू बह रहा
आसमा की ऊंचाई को छोड़
क्यों जमी पे है भटक रहा।
हे खुदा के फरिश्ते
किस बात का है डर तुझे
देख सामने स्वयं खुदा है खड़ा
सुन प्यार से क्या कह रहा
सद्गुणों को भर ले तू
मेरे जैसा बन हूबहू
विश्व को बदलेगा तू
यही मेरी आरजू
हो हो हो हो
