गुप्तवेश मे सतयुग रचने
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
आए शिव भगवान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
आए शिव भगवान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
सदा न रहती जग में माया
अब तो छोड़ विकारों का साया
सदा न रहती जग में माया
अब तो छोड़ विकारों का साया
पवित्र बन अंतिम जन्म में होगा फिर कल्याण
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
हीरे जैसा जन्म यही है
सत्य प्रभु का संग यही है
हीरे जैसा जन्म यही है
सत्य प्रभु का संग यही है
प्रभु के संग से बन जाएगा मानव देव समान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
अब तो पिछले पाप मिलाले
कर पुरुषार्थ भाग्य बना ले
अब तो पिछले पाप मिलाले
कर पुरुषार्थ भाग्य बना ले
पछताएगा सिर धुन धुन कर जब निकलेंगे प्राण
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
अब तो जागो प्यारी आत्माओं
भगवान जगाने आए है
अब तो जागो जागो
भगवान जगाने आए है
पर्दा तुम्हारा अज्ञान वाला दूर हटाने आए है
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
माया से तुम मुख मोड़ो
भगवान से नाता तुम जोड़ो
माया से तुम मुख मोड़ो
भगवान से नाता तुम जोड़ो
पवित्र बनो योगी बनो जीवन को अब मोड़ो
गुप्तवेश मे सतयुग रचने
आए शिव भगवान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
अब तो जाग जाग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
अब तो नींद त्याग इंसान
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