"हजारो तारे झील मिले, हजारों दीप जल गए
तेरे आने से प्रभु, हजारों फूल खिल गए
हजारो तारे झील मिले, हजारों दीप जल गए
तेरे आने से प्रभु, हजारों फूल खिल गए
हजारो तारे झील मिले...
खिल उठी कली कली, सातों सुर मिल गए
गूंजने लगे प्रभु साद मुरली के, तेरे प्यार में खिले मेरे हर जन्म जन्म
मेरे हर जन्म जन्म, हजारो तारे झील मिले
हजारों दीप जल गए , तेरे आने से प्रभु
हजारों फूल खिल गए...हजारो तारे झील मिले...
गुण मोती से हम भरे,ज्ञान रत्नों से सजे
तेरे जैसे हम बने एक आस, पतित से पावन करे
भाव ले चले प्रभु,भाव ले चले प्रभु,
हजारो तारे झील मिले,हजारों दीप जल गए
तेरे आने से प्रभु, हजारों फूल खिल गए
हजारो तारे झील मिले....
कर्म हो रहे कुशल, ज्ञान जल बरस रहा
मन सुमन सुमन हुआ, शब्द हर सरस रहा
पाके दरस नैन तो, धन्य धन्य हो गए, धन्य धन्य हो गए
हजारो तारे झील मिले, हजारों दीप जल गए
तेरे आने से प्रभु , हजारों फूल खिल गए
हजारो तारे झील मिले, हजारो तारे झील मिले
हजारो तारे झील मिले...
