

"हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा हम फूल तुम्हारी बगीया के हम फूल तुम्हारी बगीया के जिसे तुमने सींचा सवारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा भगवानका रथ बनकर तुमने संसार में अलख जगाया आत्माओं को गुण मोतियों से श्रृंगारा व सजाया भगवान ने आकर फैलाया भगवान ने आकर फैलाया सद्ज्ञान तुम्हारे द्वारा हम फूल तुम्हारी बगीया के हम फूल तुम्हारी बगीया के जिसे तुमने सींचा सवारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा चारो धाम की यात्रा करके याद तुम्हारी आती हर दिल में जल रही निरंतर प्रभु प्रेम की बाती उच्च कर्म करना सिखलाता उच्च कर्म करना सिखलाता है हर कर्म तुम्हारा हम फूल तुम्हारी बगीया के हम फूल तुम्हारी बगीया के जिसे तुमने सींचा सवारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा मधुबन के सुंदर बगिया के तुम हो अलौकिक माली भरी हुई फुलोसे सुंदर है इसकी हर डाली ब्रम्हा बाबा के बिन सुना ब्रम्हा बाबा के बिन सुना लगता हर एक नजारा हम फूल तुम्हारी बगीया के हम फूल तुम्हारी बगीया के जिसे तुमने सींचा सवारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा हम फूल तुम्हारी बगीया के हम फूल तुम्हारी बगीया के जिसे तुमने सींचा सवारा हे दिव्य अलौकिक माली करो स्वीकार प्रणाम हमारा _______________________________"