

हम तो फरिश्ते हैं रूप निराला है... हम तो फरिश्ते हैं रूप निराला है... छोड़के बंधन सारे हम अब वतन में रहते हैं हम तो फरिश्ते हैं छोड़ के सब बाबा के हवाले है उसका फिर वो ही सम्भाले तन मेरा लाइट से बना मन से हम हल्के हैं हम तो फरिश्ते हैं रूप निराला है... हम तो फरिश्ते हैं आये वतन से वतन ही जाना निमित बन सबको है जगाना बाबा से पाई है जो सुख शांति फैलाते हैं हम तो फरिश्ते हैं रूप निराला है... तोड़के बंधन सारे हम अब वतन में रहते हैं हम तो फरिश्ते हैं रूप निराला है... हम तो फरिश्ते हैं