रात अंधेरी अज्ञान की
चहुं ओर अंधियारा
ज्ञान सूर्य प्रगट हुआ तो
दसो दिशा में उजियारा
दसो दिशा में उजियारा
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
चेहरों पर रंगत आ गई
चेहरों पर रंगत आ गई
और खुमार छा गया
खुमार छा गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
कलिया खिल कर फूल हो गई
जब से बाबा मिल गए
रूहें खुशबू की रौनक से
दिल के चमन भी खिल गए
कलिया खिल कर फूल हो गई
जब से बाबा मिल गए
रूहें खुशबू की रौनक से
दिल के चमन भी खिल गए
मन मयूर नाच रहा
मन मयूर नाच रहा
संग रूहानी भा गया
रूहानी भा गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
जो भी उनके साथ चला वो
धन्य धन्य हो गया
मिला कारवा उन्हे खुशी का
दुख का बादल ढल गया
जो भी उनके साथ चला वो
धन्य धन्य हो गया
मिला कारवा उन्हे खुशी का
दुख का बादल ढल गया
भोर हुई जीवन में
हा भोर हुई जीवन में
सुख का सूरज आ गया
सूरज आ गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
खेल अचानक ही होना है
जो करना है कर लो
ज्ञान खजाना खुला हुआ है
अपना खजाना भर लो
खेल अचानक ही होना है
करना है जो कर लो
ज्ञान खजाना खुला हुआ है
अपना खजाना भर लो
मेरा बाबा वसुधा पे
मेरा बाबा वसुधा पे
ज्ञान सागर आ गया
ज्ञान सागर आ गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
चेहरों पर रंगत आई
चेहरों पर रंगत आई
और खुमार छा गया
खुमार छा गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
हमारा बाबा आ गया
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