"आ आ आ आ......आ आ आ आ......
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
कितने कमाई की ,कितनी कमाई की
इस जहां में आकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
आ आ आ आ..... आ आ आ आ .......
आंसुओ से भीगी थी जिंदगी हमारी
आंसुओं से भीगी थी जिंदगी हमारी
मोती उन्हें बनाकर, बदली दुनिया सारी
डूबती कश्ती को ,बचाया था आकर
हुए बेफिक्र हम,बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
आ आ आ आ ......आ आ आ आ......
बदनसीबो को खुशनसीब बनाया
बदनसीबों को खुशनसीब बनाया
मुफलिसी से उठाकर महलों में बिठाया
रत्नों से सजाया ,सब को बुलाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
आ आ आ आ.........आ आ आ आ .....
रूहों की माला में ,खुशबू पिरोई
रूहों की माला में, खुशबू पिरोई
फरिश्तों की महफिल में, खुशियां संजोई
वारिस बनाया हमे वादा निभाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
कितनी कमाई की , कितनी कमाई की इस जहां में आकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
हुए बेफिक्र हम, बाबा को पाकर
आ आ आ आ......आ आ आ आ......"
