जागो जागो आज सवेरा होने को आया है
आ आ आ आ आ
जागो जागो आज सवेरा होने को आया है
परमपिता शिव ने मानव को फिर से आज जगाया है
जागो जागो आज सवेरा होने को आया है
चक्र स्वादर्शन की मानव को
बिल्कुल ही पहचान नहीं
बिल्कुल ही पहचान नहीं
पाप कर्म होते थे निश दिन सत्कर्म का ज्ञान नहीं
परमपिता का दिया ज्ञान
फैलेगा कोने कोने में
फैलेगा कोने कोने में
कुछही घड़ियां शेष रही है
स्वर्णिम सतयुग होने में
फिर से ये तकदीर जगाने
निराकार शिव आया है
परमपिता शिवने मानवको फिरसे आज जगाया है
जागो जागो आज सवेरा होने को आया है
शिव सद्गतिकी राह दिखाते
सच्ची बात सुनो भाई
सच्ची बात सुनो भाई
ज्ञान योगको धारण कर के कमल समान बनो भाई
एक साथ मिलकर आओ
जग को वैकुंठ बनाना है
जग को वैकुंठ बनाना है
अपने ही कर्मो के द्वारा तुम्हे देवपद पाना है
ये कलियुग सतयुग का संगम भाग्य जगाने आया है
परमपिता शिवने मानवको फिरसे आज जगाया है
जागो जागो आज सवेरा होने को आया है
सवेरा होने को आया है
सवेरा होने को आया है
सवेरा होने को आया है
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