जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं,
तुम ही साथी मेरे, मेरी मंज़िल तुमही,
तुम ही साथी मेरे, मेरी मंज़िल तुम्हीं,
अब पाने की कुछ भी चाहत नहीं,
जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं....
तुम सा बन गए बस तुम्हें देखते,
तुम सा बन गए बस तुम्हें देखते,
मुस्कुराते सदा कुछ नहीं सोचते,
मुस्कुराते सदा कुछ नहीं सोचते,
अब मांगू क्यों किसी से बता दो ज़रा.....
अब मांगू क्यों किसी से बता दो,
इन पनाहों से बढ़कर अब कुछ भी नहीं,
जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं.....
हम जब से तुम्हारे क़रीब आ गए,
हम जब से तुम्हारे क़रीब आ गए,
भूले सारा जहां जब तुम्हें पा गए,
भूले सारा जहां जब तुम्हें पा गए,
खिलगई ज़िन्दगी ऐसा गुलशन बनी....
खिल गई ज़िन्दगी ऐसा गुलशन बनी,
अब किसी से कोई भी शिकायत नहीं,
जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं,
तुम ही साथी मेरे, मेरी मंज़िल तुमही,
तुम ही साथी मेरे, मेरी मंज़िल तुम ही,
अब पाने की कुछ भी तो चाहत नहीं ,
जब से मुझको संभाला है तुमने बाबा,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं,
अब ज़माने की हमको ख़बर ही नहीं........."
