जाने क्या थी खूबियाँ
माँ तुम्हारे प्यार में
माँ तुम्हारे प्यार में
जाने क्या थी खूबियाँ
माँ तुम्हारे प्यार में
माँ तुम्हारे प्यार में
पालना माँ की अमर है,
आज तक संसार में
आज तक संसार में
जाने क्या थी खूबियाँ
बाबा के उस प्यार में
इतनी तुम तो खो गई
देखते ही देखते
तुम नष्टोमोहा हो गई
माँ की भी माँ बन गई थी
माँ की भी माँ बन गई थी
आई जब व्यवहार में
आई जब व्यवहार में
पालना माँ की अमर है
शीतलता, शक्ति का सहज देखा सन्तुलन
तुमसे गायन है जगत में,
शिव से शक्ति का मिलन
माँ की ममता रूप धरकर,
माँ की ममता रूप धरकर
आई थी साकार में
आई थी साकार में
पालना माँ की अमर है
माँ तुम्हारी सरस वाणी में,
मधुर अनोखे राज़ थे
स्नेह-शक्ति-शान्ति सुख के
सब समाए साथ थे
रागिनी मन भावनी
रागिनी मन भावनी
गूँजी वीणा तार में
गूँजी वीणा तार में
पालना माँ की अमर है
महिमा करते बाबा की तू
मम्मा जगदम्बा बनी
हाथ खाली दाता बन गई,
लक्ष्मी तू सबसे धनी
बाबा से भी आगे चलकर
बाबा से भी आगे चलकर
आई विजयी हार में
आई विजयी हार में
पालना माँ की अमर है
जो दिया आदर्श हमको,
हम भी उस पर चल रहे
उन मधुर शिक्षाओं की
गोद में हैं पल रहे
आँसुओं में स्नेह के,
आँसुओं में स्नेह के
अँगूर भीगे याद में
माँ तुम्हारे प्यार में
जाने क्या थी खूबियाँ,
माँ तुम्हारे प्यार में
माँ तुम्हारे प्यार में
पालना माँ की अमर है
आज तक संसार में
आज तक संसार में
जाने क्या थी खूबियाँ,
माँ तुम्हारे प्यार में
