जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
जीवनमुक्ति स्थिति है न्यारी
जीवनमुक्ति स्थिति है प्यारी ऐसी स्थिति को पाना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
मेरे बाबा के सिवा दूजा कोई भाये नहीं
मेरे बाबा के सिवा दूजा कोई भाये नहीं
प्यारे बाबा के स्नेह में देहभान भी छुए नहीं
करावन हार ही कराए करण हार हम आत्मा है
सफलता का है यहीं साधन
सफलता का है यहीं साधन निमित निर्माण बनना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
मन तो आत्मा का साथी है समझाये उसे हम प्यार से
मन तो आत्मा का साथी है समझाये उसे हम प्यार से
मन जीते जगतजीत बनें शक्तियों के ही आधार से
स्नेह की यहीं सौगात ब्रह्मा बाबा को देना है
व्यर्थ संकल्प हो खत्म अब
व्यर्थ संकल्प हो खत्म अब बाबा से वादा निभाना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
मन अगर मेरा है तो मेरी हर बात को वो मान ले
मन अगर मेरा है तो मेरी हर बात को वो मान ले
ज्ञान मुरली हर दिन ही सुनना है मन से ठान ले
मुरली अपनी है पढ़ाई पढ़ना और पढ़ाना है
बाबा से अगर प्यार है तो
बाबा से अगर प्यार है तो मुरली से भी रखना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
जीवनमुक्ति स्थिति है न्यारी
जीवनमुक्ति स्थिति है प्यारी ऐसी स्थिति को पाना है
जीवन में रहते भी जैसे जीवनमुक्त हो रहना है
