"झूम उठे हैं धरा ये गगन गा रहा है हर एक मन
प्रभु के घर में आप पधारे स्वागत करें सारा मधुबन
स्वागत करें सारा मधुबन ...
झूम उठे हैं धरा ये गगन गा रहा है हर एक मन
प्यारे प्रभु के नैनों से वरदानों का अमृत बरसे
मंगलमय ये मधुर मेला है सबके तन मन है हर्षे
घड़ी सुहानी आई है खुशियां ही खुशियां लाई है
है हृदय से करते सम्मान स्नेह भरा ये अभिनंदन
स्वागत करें सारा मधुबन
स्वागत करें सारा मधुबन
भाग्य जगे हैं खिले खिले हैं कहती आपकी मीठी मुस्कान
प्रेम पथ के हम हैं राही गाते हैं प्रभु के गुणगान
ये दैवीय प्यारा परिवार करता आपका है सत्कार
आप आए रंग जो छाए बरसे जैसे सुख सावन
स्वागत करें सारा मधुबन
स्वागत करें सारा मधुबन
हर अंतर से आवाज यही कह रहे हैं ये महफिल
साथ मिलकर चलेंगे अब तो दूर नहीं अपनी मंजिल
दिशा दिशा में गूंज रही प्रभु प्रेम की शहनाई
हम बदलेंगे जग बदलेगा होगा अब महा परिवर्तन
झूम उठे हैं धरा ये गगन गा रहा है हर एक मन
प्रभु के घर में आप पधारे स्वागत करें सारा मधुबन...."
