"झुमझुमकर आई कहनेको पुरवाई
झुमझुमकर आई कहनेको पुरवाई
मन मधुबन में चित के चमन में गूंज उठी शहनाई
प्रभु के संग में रूहानी रंग में
प्रेम तरंग में आज उमंग में
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
रिमझिम सावन बरसे बरसे में
सुन उपवन यु हरसे हरसे
स्नेह सुमनसे जहा महकाए
पावन जीवन को बनाए
दिल में लहरसे है के स्वर में
ज्ञान की गुंजन है अंतर में
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
मन मधुबन में चित के चमन में गूंज उठी शहनाई
प्रभु के संग में रूहानी रंग में
प्रेम तरंग में आज उमंग में
नाचो रे नाचो रे झुमो रे झूमो रे
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
मीठा बाबा का प्यार पाए
स्नेह के सरगम में खो जाए
आनंद ही आनंद लुटाए
शुभ संकल्पों के दीप जलाए
दिल में लहरसे है के स्वर में
ज्ञान की गुंजन है अंतर में
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
मन मधुबन में चित के चमन में गूंज उठी शहनाई
प्रभु के संग में रूहानी रंग में
प्रेम तरंग में आज उमंग में
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
नाचो रे गावो रे झुमो रे झूमो रे
झुमझुमकर आई कहनेको पुरवाई
झुमझुमकर आई कहनेको पुरवाई
मन मधुबन में चित के चमन में गूंज उठी शहनाई
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