

िंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई खुदा तेरे इश्क में हर खुशी मिल गई जाने अंजाने में हुई थी जो गलतियां पावन सब हो गई पाकर तेरी हथेलियां आरजू महक उठी तकदीर खिल गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई वक्त बदलता रहा जमी से आसमा तक ख्वाब बूनता ही रहा सूबह से सुबह तक मशहूर हम हो रहे तेरी ही निगाहों में सलत्नत मिल गई चल के तेरी राहों में अबतलक जहांन में मेरे है हसी हो गई मिली रोशनी दुवाओं की गमकी तम कहीं खो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई कहती है धड़कन लाखो तेरे एहसान है नजरोसे तेरी हम पाए कितने ही वरदान है ऐसा ही फकुर में हम तो रहने लगे एक तेरी इबादत हो सब को ये कहने लागे गम के थे जो अंधेरा अब तो सारे मिट गए उल्फत से खुदा तेरी रोशनी छा गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई खुदा तेरे इश्क में हर खुशी मिल गई जाने अंजाने में हुई थी जो गलतियां पावन सब हो गई पाकर तेरी हथेलियां आरजू महक उठी तकदीर खिल गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई जिंदगी की हर घड़ी दिलनशी हो गई —--------------------------------------