ज्योति बिंदु
ज्योति बिंदु है रूप तुम्हारा तुम्हारे बच्चे हम
तुम परमधाम के वासी
तुम परमधाम के वासी
वहां के रहनेवाले हम
वहां के रहनेवाले हम
ज्योति बिंदु
कल्प पुरानी बात यही है सतयुग में आए हम राजा और महाराजा बनके आठ जन्म पाए हम
जन्म लिए त्रेता युग में बारह फिर भी देव रहे
द्वापर आया कर्म बदले फिर भी श्रेष्ठ रहे
जन्म लिए इक्कीस हुई कलाए हमारी कम
ज्योति बिंदु
राज गया और ताज गया कलियुग जब आया जन्म लिए बयालीस हमने बहुत दुख पाया देखकर हमें परमधाम से शिव बाबा है आए
हर बच्चे को संगमयुग में ज्ञान अमृत पिलाए
एक ही युग यही है प्यारा मिले है बाबा और हम
ज्योति बिंदु
ज्योति बिंदु है रूप तुम्हारा तुम्हारे बच्चे हम
तुम परमधाम के वासी
तुम परमधाम के वासी
वहां के रहनेवाले हम
वहां के रहनेवाले हम
वहां के रहनेवाले हम
वहां के रहनेवाले हम
_________
