

मुक्ति दाता बाबा की, मुक्तिदाता हम संतान विश्व की आत्माओं को ले जाना है निर्वाण धाम कारण का हो निवारण , समस्या का हो समाधान बाबा की आश यही , अब जाना है निर्वाण धाम मुक्तिदाता हम संतान जितना भी सुनाए ज्ञान तो भूल जाता है इंसान अनुभव कभी भूलता नहीं , जीवन् भर आए काम चेहरे चलन से , मस्तक नयन से सुख, शांति, ख़ुशी का अनुभव कराए सघन मुक्तिदाता हम संतान सेवा के उमंग के साथ अब वैराग्य ना भूले बेहद के वैराग्य से सेवा का फल मिले देहभान के वंश के अंश को भी करें ख़त्म , साधनों के आकर्षण में , साधना ना कभी ना हो कम मुक्तिदाता हम संतान बाबा ने समय का हमें दिया है इशारा अब समय के भरोसे पर करना नहीं गुजारा . यह समय है संपूर्णता का , अब बनना है संपन्न विश्व परिवर्तन में बने बाबा के साथी हम मुक्ति दाता बाबा की, मुक्तिदाता हम संतान विश्व की आत्माओं को ले जाना है निर्वाण धाम कारण का हो निवारण , समस्या का हो समाधान बाबा की आश यही , अब जाना है निर्वाण धाम मुक्तिदाता हम संतान