"कैसे बताऊं मन के ये भाव
बाबा को पाऊं हर पल पास
कैसे बताऊं मन के ये भाव
बाबा को पाऊं हर पल पास
हर कदम कदम पे है बाबा तेरा साथ
चमक उठे है सूरज चांद
झूम रहे है जमी आसमान
ढल गई है सुबह शाम सुबह शाम
कैसे बताऊं मन के ये भाव
तेरी छबि है निराली महक उठी है कलिया सारी
जीवन में छाई है हरियाली
जो अनुभव करे वही भाग्यशाली
साथ तेरे हम रह पाते
हर कदम पे अनुभव निराले
मुख से कहते कही न जाए कही न जाए
कैसे बताऊं मन के ये भाव
बाबा को पाऊं हर पल पास
हर कदम कदम पे है बाबा तेरा साथ
कैसे बताऊं मन के ये भाव
मधुबन का कण कण भी बाबा
तुझसे मिलन की खुशबू फैलाए
लगता है हमको तो बाबा
बाहे खोल तुम अपने पास बुलाए
प्यार को तेरे तरसते बाबा
एक बार तो अपने पास बुलाना
दिल में यही बस है आस लगाए
आस लगाए
कैसे बताऊं मन के ये भाव
बाबा को पाऊं हर पल पास
हर कदम कदम पे है बाबा तेरा साथ
कैसे बताऊं मन के ये भाव
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