क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
ये उलझन सामने आई जरा सोचो जरा सोचो
क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
ये उलझन सामने आई जरा सोचो जरा सोचो
क्या गीता कृष्ण ने गाआ ई ई
शिवबाबा ही है बिंदु रूप शिवबाबा ही है ज्योति स्वरूप
शिवबाबा ही है अजन्मे
शिवबाबा ही है अभोक्ते
शिवबाबा पतित पावन है
शिवबाबा ज्ञान के सागर है
शिवबाबा परम शिक्षक है
शिवबाबा परमपिता है
क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
ये उलझन सामने आई जरा सोचो जरा सोचो
क्या गीता कृष्ण ने गाआ ईई
जन्म मरण से जो न्यारे वो शिवबबा है निराले
ब्रम्हा विष्णु और शंकर के
शिवबाबा ही है रचियते
दिव्य दृष्टी के विधाता जीवन मुक्ति के है दाता
सर्वशक्तिवान वरदाता
आदि अंत के है ज्ञाता
क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
ये उलझन सामने आई आई जरा सोचो जरा सोचो
क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
ये उलझन सामने आई जरा सोचो जरा सोचो
क्या गीता कृष्ण ने गाई या शिव ने अब ये सुनाई
या शिव ने अब ये सुनाई
या शिव ने अब ये सुनाआआ ई ई"
