"लेकर तुम्हारे प्यार की खुशबू चली हवाएं
हर रंग में हर तरंग में तेरी यादों को समाए
लेकर तुम्हारे प्यार की खुशबू चली हवाएं
हर रंग में हर तरंग में तेरी यादों को समाए
लेकर तुम्हारे प्यार की
तेरी महिमा के गीत गा रहा ये गगन प्यारा
तेरी किरणों से है चमक रहा ये जहां सारा
तेरी महिमा के गीत गा रहा ये गगन प्यारा
तेरी किरणों से है चमक रहा ये जहां सारा
तुम सूरज से जैसे बाबा नभ पर छाए
हर रंग में हर तरंग में तेरी यादों को समाए
लेकर तुम्हारे प्यार की
कितनी युगों से निहारती ये धरा प्यासी
खुशियों की रिम झीम बूंदे ये धरती पर बरसे
याद की बूंदों से भरी हुई ये घटाए
हर रंग में हर तरंग में तेरी यादों को समाए
लेकर तुम्हारे प्यार की
सागर से जैसे मिले नदी वैसे हम मिल गए
जैसे सीप के मोती से है ऐसे ये रिश्ते
सागर से जैसे मिले नदी वैसे हम मिल गए
जैसे सीप के मोती से है ऐसे ये रिश्ते
सागर की हर लहर की तरह यूंही तु ही तु मुसकाए
हर रंग में हर तरंग में तेरी यादों को समाए
लेकर तुम्हारे प्यार की"
