

"लोहड़ी संगम की करती बड़ा कमाल बछड़े मिलते है शिव बाबा दे नाल दिल में उमंग लिए मन में तरंग लिए आता है ये त्योहार आता है ये त्योहार लोहड़ी संगम की करती बड़ा कमाल बछड़े मिलते है शिव बाबा दे नाल लोहड़ी लो मेरे पापो की गठरी अब ये उठाये न जाय तुझको बुलाए है जग के सताए हम तेरी शरण में आए न बिसराना गलेसे लगाना प्रभु आओ दिन दयाल प्रभु ओ दिन दयाल लोहड़ी संगम की करती बड़ा कमाल बछड़े मिलते है शिव बाबा दे नाल दिलखुशी की सदा बाटे मिठाई रेवड़ी से मीठे बोल बोलो फूलो जैसा है खुशनुमा चेहरा प्रेम के भंडारे खोलो हो शीतल नैना मन में हो चैना ऐसे बने मालामाल ऐसे बने मालामाल लोहड़ी संगम की करती बड़ा कमाल बछड़े मिलते है शिव बाबा दे नाल मन बुद्धि में ज्ञानका घृत हो योग की अग्नि जला ले सडे पूराने कर्मो की डालके आहुती सच्ची लोहड़ी मना ले बाबा प्यारे वतन से पुकारे वाह वाह मेरे लाल वाह वाह मेरे लाल लोहड़ी संगम की करती बड़ा कमाल बछड़े मिलते है शिव बाबा दे नाल हो हो हो हो हा हा हा ____________________________"