"मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
पाया साथ जबसे तेरा प्यार पाया ओ बाबा
जीवन हुआ सफल ये मेरा मिल गयी खुशिया बाबा
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
जबसे पकड़ा तुने हाथ मनमें हुआ प्रकाश
फैला ज्ञान का उजियारा रोशन हुआ प्रभात
जबसे पकड़ा तुने हाथ मनमें हुआ प्रकाश
फैला ज्ञान का उजियाला रोशन हुआ प्रभात
मधुबन के कण से पूछू साकार रूप अपना दिखा दो
तेरी ही राह चले हम हमे अपने पास बुला लो
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
तेरे श्रेष्ठ कर्म की गाथा हमको सब है सुनाए
तुझसे मिलने की आशा लेकर मधुबन सब आए
तेरे श्रेष्ठ कर्म की गाथा हमको सब है सुनाए
तुझसे मिलने की आशा लेकर मधुबन सब आए
बच्चो को रख आगे तुम बन गए अव्यक्त बाबा
तारो में भर के ज्योति बन गए तुम चंद्रमा
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
मधुबन की धरणी सजाकर कहा छुप गए तुम बाबा
काटो को फूल बनाकर कहा छुप गए तुम बाबा
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