मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे स्नेह भाव से अंतर्मन में खुशियों के है फूल खिले सदाचार के बनो उदाहरण सदाचार के बनो उदाहरण तुमसे सब ये गुण सीखे मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे स्नेह भाव से अंतर्मन में खुशियों के है फूल खिले वाणी जैसे वीना बनकर संगीत का मिठास भरे वाणी जैसे वीना बनकर संगीत का मिठास भरे द्वाड जैसे कभी न बोलो तुम दिल को कभी ना ठेस लगे व्यर्थ बोलने से अच्छा है गूंगे सा जीवन जिए मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे सत्य पथ के हम है राही नाथ स्वयं भगवान है सत्य पथ के हम है राही नाथ स्वयं भगवान है मंजिल अपनी कदम चूमेगी मंजिल अपनी कदम चूमेगी दिल में लिए अरमान है हम सब के सब अपने लगते जब सबसे ये दिल मिले मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे सदाचार के बनो उदाहरण सदाचार के बनो उदाहरण तुमसे सब ये गुण सीखे मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे मधुर वाणी बोल री मनवा मुरझाए मन झूम उठे