"मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
ज्ञान की घृत में योग की बाती दिन और रात जले दिन और रात जले
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
पल में रूप बदलकर बाबा आते पास तुम्हारे है
छोड़ देह की दुनियां ये सूरज चांद सितारे है
पल में रूप बदलकर बाबा आते पास तुम्हारे है
छोड़ देह की दुनियां ये सूरज चांद सितारे है
मन पंछी पिंजरे से उड़कर तुझ से आन मिले
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
तेरी याद की मस्ती में हम अतिंद्रिय सुख पाते है
कितनी प्यारी सुखद अलौकिक
रूहानी मुलाकातें है
तेरी याद की मस्ती में हम अतिंद्रिय सुख पाते है
कितनी प्यारी सुखद अलौकिक
रूहानी मुलाकातें है
बाहें पसारे अमृत ले ले मिलते आंखों से
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
खुशियों के भंडार मिले है जबसे तुमको पाए है
दुनियां के सुख वैभव सारे कुछ भी न रास आए है
खुशियों के भंडार मिले है जबसे तुमको पाए है
दुनियां के सुख वैभव सारे कुछ भी न रास आए है
मौजों में उड़ चलते तेरी शीतल छाओ में
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
ज्ञान की घृत में योग की बाती दिन और रात जले दिन और रात जले
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
मन मंदिर में बाबा तेरे प्यार का दीप जले
प्यार का दीप जले
प्यार का दीप जले"
