प नी सा म ग सा रे
प नी सा ग रे नी सा रे ग
मन वीणा के तार बोले
मन वीणा के तार बोले
उड़ जा उड़ जा आज प्यारे
तुझ को सितारे करते इशारे
मन वीणा के तार बोले
बोले बोले बोले
सूरज चांद सितारों के पार
फरिश्ते करते है इंतजार ओ ओ ओ ओ
प्रभु मिलन का लिए उपहार
अपने वतन से रहे वो निहार
चल रे मन किरणों सहारे
मन वीना के तार बोले
मंगल मिलन प्रभु से तो कर ले
दामन में प्रभु प्रेम भर ले ओ ओ ओ ओ
वक्त ना आए जाए दोबारा
दिव्य गुणों से आज सवर ले
मधुर मिलन के थे ये नजारे
मन वीणा के तार बोले
ज्योति के बीच खो गए है
प्रभु तुम्हारे हो गए है ओ ओ ओ ओ
तेरे जैसा बन गए हम
आनंद प्रेम से भर गए हम
ये सुख है हर सुख से न्यारे
मन वीणा के तार बोले
मन वीणा के तार बोले
उड़ जा उड़ जा आज प्यारे
तुझ को सितारे करते इशारे
मन वीना के तार बोले
मन वीना के तार
—------------------------------------------
