"मस्तक में मणि
मस्तक में मणि नैनो में नूर
और फूलो में खुशबू जैसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
कहते वो जो वही करू मैं
मेरे प्यासे मन में भरू मैं
तेरी याद के सागर मे मैं
सम होकर सदा रहू मैं
यही लगन है अब यही चिंतन
चमकू मैं भी तेरे जैसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
मस्तक में मणि नैनो में नूर
और फूलो में खुशबू जैसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
तूने ज्ञान की ज्योती जगाई
रंगो मे रंगी रंगाई
हाथो से हमे सजाकर
दी स्वर्ग की हमे राजायी
दिल ओर जान वारु तुझपे
एहसान चुकाऊं हम कैसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
मस्तक में मणि नैनो में नूर
और फूलो में खुशबू जैसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
कहता बाबा तुमसे ये दिल
तेरे दिल में रहना है ऐसे
"
