मीठी दीदी प्यारी दीदी
मीठी दीदी प्यारी दीदी गोपीवल्लभ की दीवानी
मुरली की धुन पर झूमनेवाली वो गोपी मनमोहिनी
मीठी दीदी मनमोहिनी
मम्मा बाबा और दादी संगे सेवा में आप साथी बनी थी
यज्ञ की आदि रतन
एक बल एक भरोसा ऐसा जिनका पावन जीवन
भाषण कभी न किया मगर नजरों से किया था निहाल
गुणदान करके सबको किया मालामाल
गुणदायिनी मीठी दीदी मनमोहिनी
दीदी दादी की जोड़ी अनोखी
दोनों होके एक थी बोली ये एकता की मिसाल
हंस समान परख शक्ति की दीदी की थी कमाल
पढ़ाई थी में वोअव्वल बाबा की मुरली जिनकी जान
भागवत में भी जिनका लिखा गुणगान
मधुर रागिनी मीठी दीदी मनमोहिनी
अब घर जाना है हमें बोली थी वो धुन में ही रहती थी
दिल में था एक बाबा नैनों भी समाया
बाबा सिवा दूजा कोई ना भाया
संयम नियम की वो मूर्ति
सत्यता की पवित्रता की ज्योति
कथनी करनी एक समान पतिव्रता धारी पिताव्रता धारी दीदी
वरदायिनी मीठी दीदी प्यारी दीदी गोपीवल्लभ की दीवानी
मुरली की धुन पर झूमनेवाली वो गोपी मनमोहिनी
मीठी दीदी मनमोहिनी
