"मेरे भाई सूनो …….
मेरे भाई सूनो कोई महान
जन्म से नही करम से बने
जन्म से नही करम से बने
तकदिर की लंबी लकिर
तकदिर की लंबी लकिर
जन्म से नही करम से बने
जन्म से नही करम से बने
पोथी भी पढ़ पढ़ क्या उसने किया
वचन कर्म से जिसने सुख ना दिया
पोथी भी पढ़ पढ़ क्या उसने किया
वचन कर्म से जिसने सुख ना दिया
कहते है लोग कोई बुद्धिमान
कहते है लोग कोई बुद्धिमान
कलम से नही करम से बने
कलम से नही करम से बने
इन्सा में इंसानियत जो भरे
दुवा से जिए वो क्यू किससे डरे
इन्सा में इंसानियत जो भरे
दुवा से जिए वो क्यू किससे डरे
वो है देवता जो है गुणवान
वो है देवता जो है गुणवान
भरम से नही करम से बने
भरम से नही करम से बने
मेरे भाई सूनो …….
मेरे भाई सूनो कोई महान
जन्म से नही करम से बने
जन्म से नही करम से बने
तकदिर की लबी लकिर
तकदिर की लबी लकिर
जन्म से नही करम से बने
कलम से नही करम से बने
भरम से नाही करम से बने
भरम से नही करम से बने
_________"
