मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
संसार में जिसका सालीन नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
बड़ा सा हसीन रूप रूहानी तेरा
इसे देख झलके खिला मन मेरा
बड़ा सा हसीन रूप रूहानी तेरा
इसे देख झलके खिला मन मेरा
ख्वाबों में मेरे तु ऐसा मचा खयालों में दुनिया पुरानी नहीं
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
संसार में जिसका सालिन नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
तेरी मुरली में बाबा है मिस्त्री घुली
मेरे जन्मों जन्म की भर दी झोली
तेरी मुरली में बाबा है मिस्त्री घुली
मेरे जन्मों जन्म की भर दी झोली
वरदानों की खान मुझे इतनी मिली
दुनियां में तुमसा दानी नहीं
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
संसार में जिसका सालीन नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
मुझे अर्शवासी है खुद सा किया
गगन से भी ऊंचा है आसन दिया
मुझे अर्शवासी है खुद सा किया
गगन से भी ऊंचा है आसन दिया
खुशियों का यूंही चले सिलसिला
रुकती है जिसकी रवानी नहीं
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
संसार में जिसका सालीन नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
ऐसा खिला मेरे मन का चमन
संसार में जिसका सालीन नहीं
मुझे प्यार मिला है इतना प्रभु सागर में जितना पानी नहीं
