नशा-मुक्त हो भारत अपना, घर-घर अलख जगाएँगे।
करें प्रतिज्ञा मिलकर सारे, भारत को स्वर्ग बनाएँगे।
नशा-मुक्त बनाएँगे, नशा-मुक्त भारत हो, व्यसन-मुक्त भारत हो।
नशे की ज़ंजीर तोड़ दो, दुख और अशांति के पिंजरे से तन-मन को आज़ाद करो।
इन व्यसनों की बेड़ियों से भारत को मुक्त कराएँगे।
करें प्रतिज्ञा मिलकर सारे, भारत को स्वर्ग बनाएँगे।
नशा-मुक्त बनाएँगे, नशा-मुक्त भारत हो, व्यसन-मुक्त भारत हो।
विकसित भारत बनने में नशा एक बड़ी बाधा है।
विश्वगुरु बनने की राह पर यह एक कलंक है, जिसे मिटाने का हमारा संकल्प है।
चाहे युवा हों, प्रौढ़ हों या वृद्ध—सभी को इस बेहोशी से बचाएँगे।
करें प्रतिज्ञा मिलकर सारे, भारत को स्वर्ग बनाएँगे।
नशा-मुक्त बनाएँगे, नशा-मुक्त भारत हो, व्यसन-मुक्त भारत हो।
तू संस्कृति की शान है, पिता के सपनों की उड़ान है।
तू सबके कारवाँ की पहचान है।
स्वस्थ तन हो, स्वस्थ मन हो, स्वस्थ भारत बनाएँगे।
राजयोग की राह पर चलकर रामराज्य का आदर्श अपनाएँगे।
नशा-मुक्त भारत हो, व्यसन-मुक्त भारत हो।
नशा-मुक्त हो भारत अपना, घर-घर अलख जगाएँगे।
करें प्रतिज्ञा मिलकर सारे, भारत को स्वर्ग बनाएँगे।
नशा-मुक्त बनाएँगे, नशा-मुक्त बनाएँगे, नशा-मुक्त बनाएँगे।
